45 Movie REVIEW
हां तो कन्नड़ की 45 मूवी देखी है मैंने हिंदी डब वर्जन में जिसमें एक से एक तगड़े एक्टर देखने को मिलते हैं। जैसे कि राजवी सेठी, उपेंद्र और शिवराज कुमार जैसे बड़े एक्टर। वैसे मैं आपको बता दूं मैंने इस मूवी को कन्नड़ लैंग्वेज के साथ भी देखा था लेकिन मैं इस मूवी को बड़े पर्दे पर हिंदी डब्बा भजन के साथ एक्सपीरियंस करना चाहता था। तो कैसा रहा हमारा एक्सपीरियंस? आइए जानते हैं।

मूवी की लेंथ
इस मूवी की लेंथ जो है वो 2 घंटे 30 मिनट की है यानी कि 2 घंटे की है जो एक्शन फेंटसी थिलर ड्रामा को लेके चलती है।
मूवी की स्टोरी
वहीं बात की जाए इसकी स्टोरी की तो देखो मूवी की स्टोरी दिखाई गई है विनय की यानी कि राजवीर शेट्टी की जिसे एक दिन अपनी मृत्यु के ही सपने दिखने लगते हैं और वह सच भी हो जाते हैं और विनय पहुंच जाते हैं कर्म और भाग्य को तय करने वाले रयप्पा या कहें उपेंद्र के पास। अब मृत्यु के बाद आत्मा के भाग्य का फैसला सुनाने के लिए विनय को जो है वह 45 दिन का समय दिया जाता है। अब विनय की मृत्यु जो है वह कर्म और भाग्य पर टिकी हुई है। लेकिन 45 दिनों के अंदर विनय क्या-क्या करता है और क्या-क्या होता है यह आप मूवी के अंदर देखोगे। देखो मूवी की स्टोरी एकदम परफेक्ट है।
One Line Review
अब देखो भले ही यह मूवी बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल ना कर पाई हो लेकिन भाई साहब एक मूवी के अंदर अगर ऐसे तीन बड़े एक्टर देखने को मिले तो एक बार मूवी को देखना बनता ही है। वैसे मैं आपको बता दूं इस कन्नट 45 मूवी का बजट जो है वह 40 से 45 करोड़ के आसपास था लेकिन यह मूवी अपना बजट नहीं निकाल पाई। Google और विकीडिया की मानी जाए तो मूवी का जो बॉक्स ऑफिस कलेक्शन है जो वर्ल्ड वाइड वो सिर्फ 20 करोड़ का बताया जाता है। अब आप बोलोगे कि भाई मैं लंबी-लंबी फेंक रहा हूं कि मूवी इतनी कलेक्शन ही नहीं कर पाई तो इतनी अच्छी कैसे हो सकती है? लेकिन आप इस मूवी को एक बार देखो। आपको बढ़िया एक्सपीरियंस ना मिले तो कहना।