Champion Movie REVIEW
हां तो Netflix पे एक मूवी रिलीज हुई है जिसका नाम है चैंपियन। वैसे यह मूवी 25 दिसंबर को ही सिनेमा में आ गई थी। तब मैं इस मूवी को देखने वाला भी था लेकिन मैं इस मूवी को नहीं देख पाया और उसकी वजह थी कि बड़ी-बड़ी मूवी उस समय रिलीज हुई थी। जैसे कि ब्रशभा, मार्क, संभाला, 45 जैसी बड़ी-बड़ी मूवीज और इसीलिए मूवी छूट गई थी। लेकिन आज मैंने इस मूवी को देखा है। तो कैसा रहा इस मूवी को देखने के बाद हमारा एक्सपीरियंस? आइए हम आपके साथ शेयर करते हैं।

मूवी की लेंथ
यह एक एक्शन पीरियड ड्रामा मूवी है जिसकी लेंथ की बात की जाए तो देखो इस मूवी की लेंथ जो है वो 2 घंटे 49 मिनट की है यानी कि पौने घंटे
मूवी की स्टोरी
तो देखो इसकी स्टोरी दिखाई गई है 1947 हैदराबाद के भेरणपल्ली के इर्द-गिर्द घूमती है जहां हमें एक माइकल विलियम नाम का लड़का देखने को मिलता है जो एक अच्छा फुटबॉल प्लेयर होता है जिसका इंग्लैंड जाने का और वहां रहने का सपना होता है इसलिए वह एक जोखिम भरा काम करता है यानी कि हथियारों की तस्करी करने लगता है ताकि वह पैसे कमा सके और अपने सपने को पूरा कर सके लेकिन एक दिन ऑपरेशन के दौरान वह पहुंच जाता है भेरणपल्ली गांव में जहां लोग रजाकारों का विरोध कर रहे हैं। लेकिन उस गांव के लोगों का संघर्ष को देखकर, उनकी गरीबी को देखकर वो उनके लिए साथ खड़ा होने का फैसला करता है जो अपनी जमीन और लोगों के लिए युद्ध करते हैं और यह उस युद्ध में शामिल हो जाता है। अब आखिर क्या माइकल का सपना पूरा हो पाता है या नहीं या फिर उनके साथ में वह लड़ पाता है या नहीं यह सब जानना है तो मूवी आप देख लो। देखो इस मूवी की स्टोरी तो दमदार है लेकिन इनके मेकर्स जो हैं वह स्टोरी को इस तरह से पर्दे पर नहीं उतार पाए कि हम उससे इमोशनल टच हो जाएं। देखो मूवी की स्टोरी शुरू में तो बेहतर चलती है लेकिन बीच-बीच में यह कहीं खो सी जाती हो, कहीं भटक सी जाती हो। मूवी के अंदर बहुत कुछ तो ऐसा दिखाया गया जिसकी जरूरत भी नहीं थी। अगर मूवी के अंदर वो सीन ना भी होते तब भी कोई फर्क नहीं पड़ता और इसकी लेंथ भी आराम से कम हो सकती थी।
One Line Review
जब मूवी रिलीज़ होने वाली थी तो इस मूवी की बहुत ज्यादा हाइप थी। तो मैं तो सोच रहा था कि एकदम तगड़ा माल हमें देखने को मिलेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और इसी वजह से यह मूवी बॉक्स ऑफिस पे भी ज्यादा कुछ खास कमाल नहीं कर पाई थी और यह बात मैं नहीं बोल रहा हूं बल्कि विक्की पपीडिया बोल रही है इस मूवी का बजट जो था वह 45 करोड़ का था। लेकिन इस मूवी ने सिर्फ 17 करोड़ का कलेक्शन किया है। वैसे कलेक्शन के बारे में ज्यादा बात ना की जाए तो बेहतर रहेगा।